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Monday, September 18, 2017

चार दिनों दा प्यार हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई

बिछड़े अभी तो हम बस कल परसों जिऊंगा मैं कैसे इस हाल में बरसों मौत ना आई तेरी याद, क्यों आई हाय, लम्बी जुदाई चार दिनों दा प्यार हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई चार दिनों दा प्यार हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई एक तो सजन मेरे पास नहीं रे दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे उसपे ये सावन आया उसपे ये सावन आया आग लगायी हाय लम्बी जुदाई चार दिनों दा प्यार हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई होंठों पे आये मेरी जान दुहाई हाय लम्बी जुदाई चार दिनों का प्यार हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

अब लौं नसानी, अब न नसैहों।

अब लौं नसानी, अब न नसैहों। रामकृपा भव-निसा सिरानी जागे फिर न डसैहौं॥ पायो नाम चारु चिंतामनि उर करतें न खसैहौं। स्याम रूप सुचि रुचिर कस...