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Tuesday, August 7, 2018

अंगुरी में डंसले बिया नगिनिया हे...


अंगुरी में डंसले बिया नगिनिया हे...

अंगुरी में डंसले बिया नगिनिया हे...
अंगुरी में डंसले बिया नगिनिया हे,
रे ननदी दियरा जराई द
दियरा जराई दे अपना भइया के जगा दे
नसे-नसे उठेला लहरिया हे, रे ननदी दियरा जराई द
एक त हम मुअनी रामा अपना दरद से
दोसरे इ रतिया अन्हरिया रे, हे ननदी दियरा जराई द
पटना सहरिया से बइदा बुलाई द-2
पोरे-पोरे उठेला दरदिया रे, हे ननदी दियरा जराई द
कहत महेंदर ननदी भइया के बोलाई द
उनही से उतरी इ लहरिया रे, हे ननदी दियरा जराई द
अंगुरी में डंसले बिया नगिनिया हे, रे ननदी दियरा...

सासु मोरा मारे रामा बांस के छिउंकिया

सासु मोरा मारे रामा बांस के छिउंकिया
ए ननदिया मोरी रे सुसुकत पनिया के जाय.
हाथवा में लिहली ननदो सोने के घरिलवा
ए ननदिया मोरी रे चलि भइली जमुना किनार
ग्ंागा रे जमुनवा के चिकनी डगरिया
ए ननदिया मोरी रे पउआं धरत बिछलाय
छोटे-मोटे पातर पियवा हंस के ना बोले
ए ननदिया मोरी रे से रहे पियवा कहीं चली जाय
छोटे मोटे जामुन गछिया फरेना फुलाय
ए ननदिया मोरी रे से हो गछिया सूखिया ना जाय
गावत महेंदर मिसिर इहो रे पुरूबिया
ए ननदिया मोरी रे पिया बिनु रहली ना जाय...

Friday, August 3, 2018

अब हम कइसे चली डगरिया लोगवा नजर लगावेला

हम त खेलत रहनी अम्माजी के गोदिया कर गइल तबहि बिआह रे बिदेसिया 
छवरे महिना कहिके गइले कलकतवा बीत गइल बारह बारिस रे बिदेसिया
अब त लगल मोरा सोरहवा साल लोगवा नजर लगावेला
अब हम कइसे चली डगरिया लोगवा नजर लगावेला 
पूरब देश गइल मोरे सइया बैठ गइल बिसराय
रैन अन्हरिया टिप टिप बरसे रिस रिस जिया रिसाय
घर घर सब बतियावेला
अब हम कइसे कही नगरिया लोगवा नजर लगावेला
अब हम कइसे चली डगरिया लोगवा नजर लगावेला
बाग़ बगइचा महुआ फुले अमवा जब मोजराय
पापी पपीहा बोलिया मारे जियरा मोरा जराय
मन मोरा डूबत जाला ला

चढ़ते फगुन जियरा जर गईले रे

चढ़ते फगुन जियरा जर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे -२ 
चढ़ते फगुन जियरा जर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे -२ 

बलमा बिलमि गए जाके परदेसवा 
कबहुँ न भेजे रामा कौनो संदेसवा 
बलमा बिलमि गए जाके परदेसवा 
कबहुँ न भेजे रामा कौनो संदेसवा 
का होई देशवा कोइलिया न बोले 
ईहो पपीहा सब मर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे 
[चढ़ते फगुन जियरा जर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे -२ ]

धरती अगन लागी जरे आसमानवां 
रतिया जहर लागे डंक मारे दिनवा 
धरती अगन लागी जरे आसमानवां 
रतिया जहर लागे डंक मारे दिनवा 
कौने कसुरवा निठुर निर्मोहिया 
हंसुआ आँचरवा में भर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे 
[चढ़ते फगुन जियरा जर गईले रे 
मोरा सजना सनेहिया बिसर गईले रे -२ ]

अब लौं नसानी, अब न नसैहों।

अब लौं नसानी, अब न नसैहों। रामकृपा भव-निसा सिरानी जागे फिर न डसैहौं॥ पायो नाम चारु चिंतामनि उर करतें न खसैहौं। स्याम रूप सुचि रुचिर कस...