Showing posts with label mukesh. Show all posts
Showing posts with label mukesh. Show all posts

Wednesday, September 20, 2017

ये आँसू मेरे दिल की ज़ुबान है

ये आँसू मेरे दिल की ज़ुबान है
मैं रोऊँ तो रो दे आँसू
मैं हँस दूँ तो हँस दे आँसू
ये आँसू मेरे...

आँख से टपकी जो चिंगारी, हर आँसू में छबि तुम्हारी
चीर के मेरे दिल को देखो, बहते लहू में प्रीत तुम्हारी
ये जीवन जैसे सुलगा तूफान है
ये आँसू मेरे दिल की...

जीवन पथ पर जीवन साथी, साथ चले हो मुँह ना मोड़ो
दर्द-ओ-गम के दोराहे पर, मुझको तड़पता यूँ ना छोड़ो
ये नग्मा मेरे गम का बयान है
ये आँसू मेरे दिल की...

माझी नैया ढूंढे किनारा

माझी नैया ढूंढे किनारा 
ओ माझी नैया ढूंढे किनारा 
किसी ना किसी की खोज मे है ये जग सारा 
माझी नैया... 
कभी ना कभी तो समझोगे तुम ये इशारा 
माझी नैया... 

आईसी कोई मौज नही जिसको कोई खोज नही 
कोई ना कोई तो हर किसी को लगता है प्यारा 
माझी नैया... 

जीवन पथ पर चलते हुए इक दिन थक कर चलते हुए 
कही ना कही तो थाम लूगा आंचल तुम्हारा 
माझी नैया... 

जैसे सीता-राम मिले जैसे राधा-श्याम मिले 
कभी ना कभी तो मिलन होगा तुमसे हमारा 
माझी नैया...

हुस्न-ए-जाना इधर आ, आईना हू मै तेरा

हुस्न-ए-जाना इधर आ, आईना हू मै तेरा
मई सवारुन्गा तुजे, सारे गम दे दे मुजे
भीगी पलके ना जूका, आईना हू मै तेरा

कितने ही दाग उठाए तूने
मेरे दिनरात सजाये तूने
चूम लू आ मै तेरी पलको को
दे दू ये उम्र तेरी जुल्फो को
ले के आखो के दिए, मुस्कुरा मेरे लिए
मेरी तसवीर-ए-वफ़ा, आईना हू मै तेरा

तेरी चाहत है इबादत मेरी
देखता रहता हू सूरत तेरी
घर तेरे दम से है मंदिर मेरा
तू है देवी, मै पुजारी तेरा
सजदे सौ बार करू, आ तुजे प्यार करू
मेरी आगोश मे आ, आईना हू मै तेरा

छोटी सी ये दुनिया, पहचाने रस्तें हैं

छोटी सी ये दुनिया, पहचाने रस्तें हैं 
तुम कभी तो मिलोगे, कहीं तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल 
छोटी सी ...

हम तो ये समझेंगे हमने एक पत्थर को पूजा 
लेकिन तुमको अपने जैसा नहीं मिलेगे दूजा, नहीं मिलेगा दूजा 
छोटी सी ये दुनिया ...

सीखा नहीं हमारे दिल ने प्यार में धीरज खोना 
आग में जल के भी जो निखारे, है वोही सच्चा सोना, है वोही सच्चा सोना 
छोटी सी ये दुनिया ...

दिल की दौलत मत ठुकराओ, देखो पछताओगे
आज चले जाते हो जैसे, लौट के भी आओगे, लौट के भी आओगे 
छोटी सी ये दुनिया ...

आ लौट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं

आ लौट के आजा मेरे मीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं
मेरा सूना पड़ा रे संगीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं

बरसे गगन मेरे बरसे नयन देखो तरसे है मन अब तो आजा
शीतल पवन ये लगाए अगन
ओ सजन अब तो मुखड़ा दिखा जा
तूने भली रे निभाई प्रीत
तूने भली रे निभाई प्रीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं
आ लौट...

एक पल है हँसना एक पल है रोना कैसा है जीवन का खेला
एक पल है मिलना एक पल बिछड़ना
दुनिया है दो दिन का मेला
ये घड़ी न जाए बीत
ये घड़ी न जाए बीत तुझे मेरे गीत बुलाते हैं
आ लौट...

दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई

(दुनिया बनाने वाले,  क्या तेरे मन में समाई 
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई )  \- २

काहे बनाए तूने माटी के पुतले,
धरती ये प्यारी प्यारी मुखड़े ये उजले
काहे बनाया तूने दुनिया का खेला \- २
जिसमें लगाया जवानी का मेला
गुप\-चुप तमाशा देखे, वाह रे तेरी खुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई  ...

तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर,
तूफ़ां ये प्यार का मन में छुपाकर
कोई छवि तो होगी आँखों में तेरी  \- २
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरी
बोल क्या सूझी तुझको, काहेको प्रीत जगाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई  ...

प्रीत बनाके तूने जीना सिखाया, हंसना सिखाया,
रोना सिखाया
जीवन के पथ पर मीत मिलाए  \- २
मीत मिलाके तूने सपने जगाए
सपने जगाके तूने, काहे को दे दी जुदाई
काहेको दुनिया बनाई, तूने काहेको दुनिया बनाई  ...

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

कहीं दूर जब दिन ढल जाए 
साँझ की दुल्हन बदन चुराए 
चुपके से आए
मेरे ख़यालों के आँगन में 
कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
कहीं दूर ...

कभी यूँहीं, जब हुईं, बोझल साँसें 
भर आई बैठे बैठे, जब यूँ ही आँखें 
तभी मचल के, प्यार से चल के
छुए कोई मुझे पर नज़र न आए, नज़र न आए
कहीं दूर ...

कहीं तो ये, दिल कभी, मिल नहीं पाते
कहीं से निकल आए, जनमों के नाते
घनी थी उलझन, बैरी अपना मन
अपना ही होके सहे दर्द पराये, दर्द पराये
कहीं दूर ...

दिल जाने, मेरे सारे, भेद ये गहरे
खो गए कैसे मेरे, सपने सुनहरे
ये मेरे सपने, यही तो हैं अपने
मुझसे जुदा न होंगे इनके ये साये, इनके ये साये
कहीं दूर ...

चाँद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था

चाँद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोचा था
हाँ तुम बिलकुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था

१) ना रस्में हैं ना कसमें हैं
ना शिकवे हैं ना वादे हैं
इक सूरत भोली भाली है
दो नैना सीधे सादे हैं \- २
ऐसा ही रूप खयालों में था
जैसा मैंने सोचा था, हाँ ...

२) मेरी खुशियाँ ही ना बाँटे
मेरे ग़म भी सहना चाहे
देखे ना ख्वाब वो महलों के
मेरे दिल में रहना चाहे
इस दुनिया में कौन था ऐसा
जैसा मैंने सोचा था, हाँ ...

अब लौं नसानी, अब न नसैहों।

अब लौं नसानी, अब न नसैहों। रामकृपा भव-निसा सिरानी जागे फिर न डसैहौं॥ पायो नाम चारु चिंतामनि उर करतें न खसैहौं। स्याम रूप सुचि रुचिर कस...