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Tuesday, August 7, 2018

पिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाने कोए


पिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाने कोए
कह ना सके तू, अपनी कहानी 
तेरी भी पंछी, क्या ज़िंदगानी रे 
विधि ने तेरी कथा लिखी आँसू में कलम डुबोए 
तेरा दर्द ना जाने कोए
चुपके चुपके, रोने वाले 
रखना छुपाके, दिल के छाले रे
ये पत्थर का देश हैं पगले, यहाँ कोई ना तेरा होय
तेरा दर्द ना जाने कोए

हमने जग की अजब तस्वीर देखी


हमने जग की अजब तस्वीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 
ये प्रभु की अद्भुत जागीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 

हमे हँसते मुखड़े चार मिले 
दुखियारे चेहरे हज़ार मिले 
यहाँ सुख से सौ गुनी पीड़ देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 
हमने जग की अजब तस्वीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 

दो एक सुखी यहाँ लाखों में 
आंसू है करोड़ों आँखों में 
हमने गिन गिन हर तकदीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 
हमने जग की अजब तस्वीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 

कुछ बोल प्रभु ये क्या माया 
तेरा खेल समझ में ना आया 
हमने देखे महल रे कुटीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं 
हमने जग की अजब तस्वीर देखी 
एक हँसता है दस रोते हैं

अब लौं नसानी, अब न नसैहों।

अब लौं नसानी, अब न नसैहों। रामकृपा भव-निसा सिरानी जागे फिर न डसैहौं॥ पायो नाम चारु चिंतामनि उर करतें न खसैहौं। स्याम रूप सुचि रुचिर कस...